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मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में On-the-Job-Training (OJT) की सुविधा देने हेतु शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है जो उच्च प्रशिक्षण और कौशलिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए उद्देश्यित है।

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के मुख्य बिंदु :

  • योजना का क्रियान्वयन पोर्टल के माध्यम से होगा।
  • प्रत्येक युवा द्वारा पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरा जाएगा। आवेदक का चिन्‍हांकन समग्र आई.डी. के आधार पर किया जायेगा, तथा उसका e-KYC किया जाएगा।
  • प्रतिष्ठान द्वारा EPF जानकारी दिए जाने की स्थिति में, भारत सरकार के एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) से ऑनलाइन जानकारी प्राप्त की जाएगी और इसी के आधार पर प्रतिष्ठान के कुल कार्यबल का निर्धारण किया जाएगा।
  • प्रतिष्ठान द्वारा उपलब्ध कोर्स में से पोर्टल पर प्रशिक्षण हेतु वैकेंसी प्रकाशित की जाएंगी, जो उनके लिए निर्धारित प्रशिक्षण सीमा के अधीन होगी।
  • आवेदक योजना अंतर्गत पोर्टल पर उस कोर्स का चयन करेंगे जिसके लिए वह निर्धारित न्‍यूनतम शैक्षणिक अर्हता रखते हो और प्रशिक्षण प्राप्त करने में रुचि रखते हैं।
  • प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित वैकेंसी के विरुद्ध पात्र आवेदकों को ऑनलाइन/दूरभाष/अन्यथा साक्षात्कार लिया जा कर उन्हे छात्र-प्रशिक्षणार्थी के रूप में चयनित किया जाएगा।
  • चयन के उपरांत प्रतिष्ठान, छात्र-प्रशिक्षणार्थी एवं राज्य शासन के अधिकृत प्रतिनिधि के मध्य एक ऑनलाइन अनुबंध निष्पादित किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण की अवधि में छात्र प्रशिक्षणार्थी की उपस्थिति दर्ज किये जाने के संबंध में पृथक से विस्‍तृत निर्देश जारी किये जायेंगे।
  • यह आवश्‍यक नहीं है कि प्रशिक्षण प्रत्‍येक माह की प्रथम तिथि से आरम्‍भ हो। अगर प्रशिक्षण माह के बीच में शुरू होगा तो एक माह की अवधि की गणना तद्नुसार की जायेगी।
  • माह में 25 दिन की उपस्थिति होने पर प्रशिक्षणार्थी को पूर्ण स्‍टायफंड दिया जायेगा। अगर वह 12 दिन से कम उपस्थित रहेगा तब उसे उस माह के लिए स्‍टायफंड की पात्रता नहीं होगी।
  • प्रत्येक माह प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को दिए गए स्टाइपेण्ड में से अपना हिस्सा छात्र-प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में जमा किया जाएगा, जो कि उस कोर्स के लिए निर्धारित स्टाइपेण्ड का कम से कम 25% होगा।
  • राज्य शासन द्वारा योजना अंतर्गत निर्धारित स्टाइपेण्ड का 75% छात्र-प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में e-KYC उपरांत DBT द्वारा जमा किया जाएगा। छात्र-प्रशिक्षणार्थी एवं प्रतिष्ठान के बीच स्टाइपेण्ड के संबंध में उत्पन्न किसी भी विषय के निवारण की प्रक्रिया के निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे।

योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार नौकरी प्राप्ति और आर्थिक स्वावलंबन के लिए युवाओं की सक्षमता और कौशल का संवर्धन करने का प्रयास कर रही है। यह युवाओं को स्वयं-रोजगार के लिए तैयार करके उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करने में मदद करती है और प्रदेश के आर्थिक विकास को संवर्धित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।