योजना संबंधी पूछे जाने वाले सवाल
प्रतिष्ठान संबंधी पूछे जाने वाले सवाल
छात्र-प्रशिक्षणार्थी संबंधी पूछे जाने वाले सवाल
स्टाइपेंड संबंधी पूछे जाने वाले सवाल
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY), मध्यप्रदेश शासन की उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण योजना है, जिसके माध्यम से व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को पोर्टल पर पंजीकृत प्रतिष्ठानों में छात्र-प्रशिक्षणार्थी के रूप में On-the-Job-Training (OJT) की सुविधा दी जाती है।
पंजीयन योजना के पोर्टल https://mmsky.mp.gov.in/ पर कर सकते हैं।
पोर्टल पर पंजीयन नि:शुल्क है। सीएससी (CSC) अथवा एमपी ऑनलाइन (MP Online) के माध्यम से पंजीयन करने पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क देय होगा।
पंजीयन उपरांत लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड SMS एवं E-mail द्वारा प्राप्त होगा।
पंजीयन के समय किसी समस्या/संशय समाधान हेतु पोर्टल पर दिए हेल्प डेस्क पर संपर्क किया जा सकता है।
देश/प्रदेश के ऐसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जिनके पास GST पंजीयन है। समस्त प्रकार के निजी प्रतिष्ठान यथा- प्रोपराइटरशिप, एचयूएफ, कंपनी, पार्टनरशिप, ट्रस्ट, समिति आदि योजना अंतर्गत पात्र होंगे।
पोर्टल पर प्रतिष्ठान पंजीयन करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी-
i. प्रतिष्ठान का GSTIN
ii. प्रतिष्ठान का EPFO (यदि कार्यबल 20 या 20 से अधिक हो)
चार (04)
प्रतिष्ठान अपने कुल कार्यबल, जिसमें नियमित व संविदात्मक कर्मचारी शामिल होंगे, का 15% तक छात्र-प्रशिक्षणार्थियों को संलग्न कर सकते हैं।
प्रतिष्ठान के कुल कार्यबल की गणना नियमित एवं संविदात्मक कर्मचारियों को शामिल करके की जाएगी।
हाँ, अन्य प्रदेश/केंद्र शासित प्रदेश में स्थित निजी प्रतिष्ठान योजना हेतु पात्र हैं।
सामान्यतः 1 वर्ष (कुछ कोर्स की प्रशिक्षण अवधि 6 एवं 9 माह भी है)।
योजना के तहत चयनित युवा को “छात्र-प्रशिक्षणार्थी” कहा जाएगा।
पंजीयन हेतु छात्र-प्रशिक्षणार्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं अथवा आईटीआई उत्तीर्ण है।
पंजीयन हेतु छात्र-प्रशिक्षणार्थी की आयु सीमा 18 से 29 वर्ष है एवं आयु की गणना 01 जुलाई वर्तमान वर्ष से की जाएगी।
हाँ, योजना का लाभ लेने के लिए छात्र-प्रशिक्षणार्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है।
छात्र-प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹8,000 से ₹10,000 प्रतिमाह तक का स्टाइपेंड, निर्धारित मानकों के अनुसार, प्रदान किया जाएगा।
छात्र-प्रशिक्षणार्थी का स्टाइपेंड कोर्स की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया जाएगा।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को, कोर्स की योग्यता के अनुसार निर्धारित स्टाइपेंड की राशि का 75 प्रतिशत, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को, कोर्स की योग्यता के अनुसार निर्धारित स्टाइपेंड की न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा।
हाँ, प्रतिष्ठान छात्र-प्रशिक्षणार्थी को स्टाइपेंड के 25% राशि से अधिक राशि का भुगतान कर सकते हैं।
हाँ, प्रतिष्ठान प्रशिक्षण उपरांत छात्र-प्रशिक्षणार्थी को नियमित रोजगार दे सकते हैं।
नहीं, प्रतिष्ठान प्रशिक्षण उपरांत छात्र-प्रशिक्षणार्थी को नियमित रोजगार देने हेतु बाध्य नहीं हैं।
नहीं, प्रतिष्ठान द्वारा छात्र-प्रशिक्षणार्थी को On-the-Job-Training (OJT) के दौरान आवास एवं भोजन की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य नहीं है। प्रतिष्ठान अपनी स्वेच्छा से छात्र-प्रशिक्षणार्थी को आवास, भोजन एवं अन्य सुविधाएँ दे सकते हैं।
नहीं, छात्र-प्रशिक्षणार्थी अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (NAPS) के साथ-साथ मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) में On-the-Job-Training (OJT) नहीं कर सकते हैं।
हाँ, सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण होने एवं निर्धारित मूल्यांकन उपरांत मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) का प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।